Translater

10 اگست 2013

आपस में भिड़ने की बजाय पाक को माकूल जवाब दो

महीनेभर रोजे रखकर अपनी आत्मा को शुद्ध करने वाला पवित्र रमजान खत्म हुआ। आज ईद मनाई जा रही है। खुशियों के साथ गम भी लेकर आई यह ईद। पाकिस्तान और दहशतगर्दों के लिए पवित्र रमजान का कोई मतलब नहीं। अगर होता तो यूं बेरहमी से हमारे बहादुर जवानों का धोखे से घात लगाकर कत्ल न करते जो उन्होंने पुंछ में किया। हमारी नजरों में पाक सैनिकों और आतंकवादियों में कोई फर्प नहीं। कभी यह पीट-पीट कर हमारे जवान मार देते हैं तो कभी सिर कलम कर बतौर तोहफा साथ ले जाते हैं और फिर बड़ी शान से उसका ऐलान करते हैं। राजनेता भी इतने गिर चुके हैं कि बजाय पाकिस्तान को कोई माकूल जवाब देने के संसद में आपस में भिड़कर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं और केंद्र सरकार के रक्षामंत्री मंगलवार को संसद में बयान देते हैं कि हमला आतंकियों ने किया जो पाकिस्तानी सेना की यूनीफार्म में थे। जुलाई-अगस्त में 19 आतंकियों को मार गिराने के कारण यह बदले की कार्रवाई हुई। जब एंटनी के बयान पर सारे देश में हंगामा हो गया तो बृहस्पतिवार को एंटनी ने अपना बयान बदला और घटना के लिए पाकिस्तानी सेना को दोषी ठहराते हुए आगाह किया कि हमारे संयम और सैन्य क्षमता को हल्के में नहीं लिया जाए। हमारे नेताओं को बहादुर जवानों की शहादत पर कितना गम है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब शहीदों को उनके गृहराज्य में पहुंचाया गया तो बिहार के मारे गए पांच में से चार जवानों के शवों को पटना एयरपोर्ट पर हजारों लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे पर बिहार सरकार का कोई भी मंत्री सम्मान देने के लिए एयरपोर्ट नहीं पहुंचा। जबकि पटना एयरपोर्ट के एकदम नजदीक कम से कम एक दर्जन मंत्रियों के बंगले हैं। नमक पर मिर्च छिड़कने से भी बाज नहीं आए बिहार के मंत्री। यह जवानों की शहादत का मजाक तक उड़ाने से नहीं कतराते। बिहार के ग्रामीण कार्यमंत्री भीम सिंह ने ऐसा ही एक बयान देकर शहीदों की शहादत का मजाक उड़ाया है। भीम सिंह ने कहा कि सेना और पुलिस में लोग मरने के लिए ही जाते हैं। पुंछ फायरिंग में घायल हुए पांचवें जवान लांस नायक संभाजी कुट्टे को दिल्ली के एम्स के ट्रामा सेंटर लाया गया। ट्रामा प्रमुख के मुताबिक संभाजी कुट्टे को अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर नहीं है। हमारी बुजदिल सरकार की वजह से पाकिस्तान का दुस्साहस बढ़ता ही जा रहा है। भारतीय जवानों की हत्या के बाद मंगलवार दोपहर पाकिस्तान ने फिर संघर्षविराम का उल्लंघन किया। उरी सेक्टर में फायरिंग की। जब भारतीय सैन्य महानिदेशक ने बुधवार को हॉटलाइन पर पाक से आपत्ति जताई तो पाक ने भारत पर ही संघर्षविराम के उल्लंघन का आरोप मढ़ दिया। देश में पांच जवानों की इस निर्मम हत्या पर बवाल मचा हुआ है। बिहार में घटना से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली जाने वाली लिच्छवी एक्सप्रेस पर पथराव किया। छपरा-गोरखपुर पैसेंजर समेत कई ट्रेनें रोकीं। पंजाब के फगवाड़ा में गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन किया जिसके चलते लाहौर-दिल्ली बस सेवा का रास्ता बदलना पड़ा। पाक सेना की करतूत व एंटनी के बयान पर यूपी-गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों में लोगों ने पाकिस्तान का झंडा जलाकर प्रदर्शन किया। पाक सैनिकों के हमले में मारे गए सैनिकों में से एक जवान की पत्नी ने बिहार सरकार द्वारा मुआवजा लेने से इंकार कर दिया है। इस शहीद की पत्नी मुआवजे के स्थान पर पाक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रही है। शहीद विजय राय की पत्नी पुष्पा राय ने पत्रकारों से कहा कि 10 लाख रुपए का मुआवजा उनके पति को वापस नहीं ला सकता। उन्होंने कहा कि मुआवजा नहीं चाहिए पर पति और दूसरे सैनिकों के हत्यारे पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी सैन्य जवाबी कार्रवाई होनी चाहिए। यह संयोग नहीं कि पिछले डेढ़ महीने में सेना ने घुसपैठ कर रहे 19 हार्डकोर आतंकियों को मार गिराया है। हमारे खिलाफ तालिबानियों का इस्तेमाल अब तक अफगानिस्तान में करता आया है। पिछले दिनों जलालाबाद में हमारे कांस्लेट पर हमला इसी कड़ी में था। अब कश्मीर में दहशतगर्दी की आग को फिर से  लपटों में तब्दील करने के लिए पाक सेना तालिबानियों की शरण में जा रही है। चूंकि जाड़ा आते ही बर्पबारी से घुसपैठ के रास्ते बन्द हो जाते हैं, इसलिए इन दिनों कश्मीर की सीमा के उस पार ऐसे घुसपैठियों की बेसब्र भीड़ जमा है। हमारी सेना और सरकार को इसी खतरनाक वास्तविकता से जूझना पड़ रहा है। बेशक पाकिस्तान से रिश्तों में सुधार दोनों की जरूरत हो सकती है पर यह सफल तभी होगी जब पाकिस्तान यह प्रॉक्सी वार खत्म करेगा। वास्तविक जमीनी परिस्थितियों को नजरअंदाज करके बातचीत के रास्ते हल ढूंढना बेमानी लगता है। लातों के भूत बातों से नहीं मानते।
                                                                       -अनिल नरेन्द्र


کوئی تبصرے نہیں:

ایک تبصرہ شائع کریں

کاغذوں پر دستخط:زمین پر دھواں

دنیا نے راحت کی سانس لی جب یہ اعلان ہوا کہ امریکہ ایران جنگ میں سیز فائر ہوگیا ہے ۔لیکن میں اسے صرف جنگ بندی ہی کہتا ہوں ، یہ جنگ کا خاتمہ ن...